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छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में प्रवेेश लेने की उम्र का बंधन समाप्त

 छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में प्रवेश लेने की उम्र की सीमा समाप्त किए जाने से पढ़ने के इच्छुक लोगों को पढ़ाई का फिर से मौका मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही कॉलेजों में विभिन्न विषयों के नए-नए संकाय प्रारंभ किए जा रहे हैं। राज्य के कॉलेजों में लड़कियों के प्रवेश लेने की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ के लिए शुभ संकेत है, आने वाले दिनों में महिलाओं को सशक्त होने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और उच्च शि़क्षा मंत्री श्री उमेश पटेल की पहल पर उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के स्तर की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नैक के द्वारा निर्धारित विभिन्न मापदण्डों के अनुरूप शैक्षणिक अधोसंरचना एवं अकादमिक स्तर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड पर नैक से संबद्धता प्राप्त करने का अभियान प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में नैक से मूल्याकिंत कॉलेजों की संख्या 192 हो गई है।
सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि कॉलेज में प्रवेश लेने वालों छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जहां 2018-19 में करीब 2 लाख 26 हजार 373 छात्रों ने कॉलेज में प्रवेश लिया वहीं यह संख्या वर्ष 2022-23 में 48 प्रतिशत बढ़कर 3 लाख 35 हजार 139 हो गई है। जो कि 2018-19 की तुलना में एक लाख 8 हजार 766 अधिक है। कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विगत 4 वर्षों में कुल 33 नवीन शासकीय एवं 76 अशासकीय महाविद्यालय की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ में 285 शासकीय महाविद्यालय, 12 अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय एवं 252 अनुदान अप्राप्त अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैंं। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 09 राजकीय एवं 15 निजी विश्वविद्यालय संचालित है।
बिलासपुर से रायगढ़ की दूरी को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। शैक्षणिक स्तर को ऊँचा करने के उद्देश्य से प्रदेश में शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के कुल 27 विषयों पर 1384 रिक्त पदों के लिए भर्ती जारी की गई थी, जिसमें से 1167 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारियों सहित अन्य शैक्षणिक और अशैक्षणिक पदों पर भी भर्ती की गई है।
उच्च शिक्षा में लड़कियों को प्रोत्साहन देने के लिए 26 कन्या महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। अन्य महाविद्यालय में सह-अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। वर्ष 2018-19 में जहां 91,982 छात्रों की तुलना में 1,34,391 छात्राओं ने कॉलेज में एडमिशन लिया वहीं 2022-23 में यह बढ़कर छात्रों की संख्या 1,28,310 एवं छात्राओं की संख्या 2,06,829 हो गई है। जो की छात्रों की तुलना में छात्राओं का संख्या 61 प्रतिशत अधिक है। यह एक सुखद संकेत है की महिलाएं अपनी शिक्षा को लेकर काफी जागरूक है।

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